ताज महल से प्यारा खाटू धाम है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ताज महल से प्यारा खाटू धाम है,

लाल किले से प्यारा तोरण दरबार है,

सात अजूबे इस दुनिया में प्यारे है,

और सबसे प्यारे बाबा श्याम हमारे है,

लाल किले से प्यारा तोरण दरबार है,

ताज महल से प्यारा खाटू धाम है,

खाटू की लकड़ी किसी चंदन से कम नहीं,

खाटू की गलियां कोई लंडन से कम नहीं,

हर प्रेमी को मिले यहाँ उपहार है,

लाल किले से प्यारा तोरण दरबार है,

ताज महल से प्यारा खाटू धाम है,

गंगा यमुना जैसा पावन श्याम कुंड का जल,

खाटू आ कर ले जा प्यारे हर मुश्किल का हल,

तेरे लिए हर पल बाबा त्यार है,

लाल किले से प्यारा तोरण दरबार है,

ताज महल से प्यारा खाटू धाम है,

चूरमा खाटू का तो संकट को चूर करदे,

दर्शन बाबा के आँखों में सब के नूर भर दे,

मित्तल की जान इनपे तो नीशार है,

लाल किले से प्यारा तोरण दरबार है,

ताज महल से प्यारा खाटू धाम है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।