चाहे कितना ही जोर लगा लेना

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॥ पावन पाठ ॥

चाहे कितना ही जोर लगा लेना, फिर भी न चलेगा जोर तेरा

चाहे कितना ही उसको मना लेना, फिर भी न सुनेगा कुछ भी तेरा

चाहे कितना ही जोर लगा लेना, फिर भी न चलेगा जोर तेरा

१ जब उसका बुलावा आएगा, तब न चलेगा बहाना तेरा -2

पल में ही २ सब कुछ छोड़ तुझे ,होना पड़ेगा रवाना रे ।

चाहे कितना ही जोर लगा लेना, फिर भी न चलेगा जोर तेरा

२ हम सब तो कठपुतलियाँ है, डोर हमारी उसके हाथो में -२

जिस दिन वो २ उसको छोड़ देगा, नहीं होगा कभी फिर उठना रे

चाहे कितना ही जोर लगा लेना, फिर भी न चलेगा जोर तेरा ।

३ सबको बराबर दी हे देखो, उसने यहाँ पर श्वासे रे -२

जिसकी भी २ हो जाएगी श्वासे पूरी, नहीं होगा सवेरा उनका रे

चाहे कितना ही जोर लगा लेना, फिर भी न चलेगा जोर तेरा

चाहे कितना ही उसको मना लेना, फिर भी न सुनेगा कुछ भी तेरा ।

नाम :- जसवंत सिसोदिया

फ़ोन न :- +917742098570

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।