तेरी याद सतावे हो घाटे वाले मने भुलाले

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

तेरी याद सतावे हो घाटे वाले मने भुलाले,

आये महीने आया करता,

चरणों में अर्जी लाया करता,

इन्हे क्यों तडपावे हो,

बाबा आके मने बचा ले,

तेरी याद सतावे हो घाटे वाले मने भुलाले,

हुई खता की माफ़ी देदो,

कर्मो को इंसाफ़ी देदो,

दीन दयाल कहावे ओ घाटे वाले मने भुलाले,

तेरी याद सतावे हो घाटे वाले मने भुलाले,

दुनिया के धन माल लुटावे,

मेरे से क्यों नजर चुरावे,

तने बड़ा सेठ भतावे हो ,

घाटे वाले मने भुलाले,घाटे वाले मने भुलाले,

तेरी याद सतावे हो घाटे वाले मने भुलाले,

कमल भगत तकदीर स्वारो,

बाला गुरु जी आन उभारो,

ये राजू ने ज्ञान सिखावे हो घाटे वाले मने भुलाले,

तेरी याद सतावे हो घाटे वाले मने भुलाले,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।