ये गणतंत्र दिवस है प्यारा इसे मनाऊ रे

पारंपरिक
अन्य भजन देश भक्ति भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

ये गणतंत्र दिवस है प्यारा इसे मनाऊ रे,

सब से पावन पर्व हमारा इसे मनाऊ रे,

सूंदर चमन है सो सो नमन है शीश झुकाओ रे,

ये गणतंत्र दिवस है प्यारा इसे मनाऊ रे,

वीरो ने जान गवा के हम को ये दिन दिखलाया,

फांसी की तखत पर चढ़ के वंदे मातरम गाया,

कितना रंगीला कितना सजीला बलि बलि जाऊ रे,

ये गणतंत्र दिवस है प्यारा इसे मनाऊ रे,

आया ये पर्व ख़ुशी का तब सविधान भी महका,

पा कर ये खुशाली सब का मन था चेहका,

ऐसा सृजन है दुनिया मगन है की मैं भी गाउ रे,

ये गणतंत्र दिवस है प्यारा इसे मनाऊ रे,

आउ सभी जय बोले मिल कर भारत माँ की,

अंजू देवेंदर सजाये देश की सूंदर झांकी,

ये ईश्वर है हर मजहब है मैं इतराओ रे,

ये गणतंत्र दिवस है प्यारा इसे मनाऊ रे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।