याद में तेरी कृष्ण मुरारी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

याद में तेरी कृष्ण मुरारी जोगन हो गई राधा प्यारी,

ढूंढ रही पनघट पे तुझको रो रो कर सखियाँ सारी,

सुना गोकुल सुना मधुवन और सुना सुना है वृन्दावन,

गउये तेरी बिलख रही है याद में तेरी मनमोहन,

गोपाल सुना सुना तुझ बिन ये ब्रिज है सारा,

सुनी है ब्रिज की गलियां सुना है कुञ्ज सारा,

सुनी कदम की ढाले सुना चमन है सारा,

यमुना का तट है सुना सुनी है जल की धरा,

गोपाल सुना सुना तुझ बिन ये ब्रिज है सारा,

सुनी है दिल की धड़कन विछड़ा जो श्याम प्यारा,

रोती है सारी सखियाँ बंसी ने ऐसा मारा,

राधा तेरी सिसकती बहती है आंसू धारा,

गोपाल सुना सुना तुझ बिन ये ब्रिज है सारा,

उदव मना के लाओ जरा श्याम सँवारे को,

कहना न चैन आता बिन श्याम जान जी को,

हमे श्याम से मिला दो एहसान हो तुम्हारा,

गोपाल सुना सुना तुझ बिन ये ब्रिज है सारा,

भगवान् से जुड़ा है नंदू का ऐसा नाता,

तेरी ज्योत के सहारे लिखता भजन गाता,

दो मीत श्याम मुझको लखा बने तुम्हरा,

गोपाल सुना सुना तुझ बिन ये ब्रिज है सारा,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।