मेरे दिल की पतंग कट गई

श्री देवकी नन्दन ठाकुर जी महाराज
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरे दिल की पतंग कट गई,

के मुरली वाला लूट ले गया,

मेरे दिल की पतंग कट गई के मुरली वाला लूट ले गया,

सँवारे कन्हियाँ से पेच लड़ाया था,

पेच लडाके मैं तो बड़ा पछताया था,

मेरी डोर जाने कैसे फस गई,

के मुरली वाला लूट ले गया,

काट गी पतंग मेरी प्रेम की डोरी से,

डोरी में फसाई कान्हा ने चोरी से,

इस छलियाँ की दाल गल गई,

के मुरली वाला लुट ले गया,

अच्छा हुआ लुट के ले गया कन्हियाँ,

वरना लुट के ले जाती दुनिया,

इसे श्याम की शरण मिल गई,

के मुरली वाला लूट ले गया,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।