जन्नत छोड़ दी मेने

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जो मैंने स्वर्ग से बढ़ कर यो खाटू का चमन देखा तो,

हां जन्नत छोड़ दी मैंने,

ना सोने की रही चाहत न चांदी से रही रत बट,

ना हीरे की ना मोती की ना दौलत की रही हां जात,

भखारी बन के ठाकुर का मुझे ऐसा मजा आया के,

हकूमत छोड़ दी मैंने......

महोबत सँवारे की देख लो क्या रंग लाइ है,

लगा कर सँवारे से दिल समज में बात आई है,

सबक ऐसा पढ़ाया श्याम बाबा ने महोबत का के,

शिकायत छोड़ दी मैंने

पड़े गीता जब उपदेश तो इस राज को जाना,

महोबत चीज क्या है इस हकीकत को भी पेहचाना,

मिली तालीम गीता से मुझे ऐसी जहां वालो के,

भगावत छोड़ दी मैंने

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।