मेरे सतगुरु मुझको देना सहारा

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन गुरुदेव भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मेरे सतगुरु मुझको देना सहारा,

कही छूट जाए न दामन तुम्हारा,

चमकते है दुनिया में जो चाँद तारे,

तेरी ज्योति से जो लेते है तारे,

घुमाता है इनको इक तेरा इशारा,

कही छूट जाए न दामन तुम्हारा,

मेरे सतगुरु मुझको देना सहारा,

तेरे रास्ते से हटाती है दुनिया मनोहर बहुत रूप दिखती है दुनिया,

मैं ना देखु ये जग का झूठा इशारा,

कही छूट जाए न दामन तुम्हारा,

मेरे सतगुरु मुझको देना सहारा

सिवा ज्ञान मुझ में समाये न कोई,

लगन का कोई दीपक भुजाये न कोई.,

तू ही मेरी दुनिया तू ही सहारा,

कही छूट जाए न दामन तुम्हारा,

मेरे सतगुरु मुझको देना सहारा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।