राधा के संग हो शादी मेरी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

राधा के संग हो शादी मेरी,

मेरे बाबा को इतना बतलाना,

मैया मेरी मैया मेरी,

मेरा राधा से रिश्ता पुराना,

हुआ जिसका ये श्याम दीवाना,

मुरली की धुन पे वो नाचे,

और नाचे ये संग तेरा कान्हा,

नन्द बाबा और दाऊ भाइयाँ को भेजो शगुन देके बरसाना,

मैया मेरी मैया मेरी,

मेरा इतना काम करो मैया,

नहीं बोले गये तुमसे कन्हियाँ,

नहीं खाऊगा मैं माखन तेरा नहीं चारु तेरी गइयाँ,

राधा का श्याम वो चकोरी मेरी,

सन्देश उस घर पहुंचना,

मैया मेरी मैया मेरी,

जब आये गी राधा की डोली,

होगी देख मग्न सूरत भोली,

गये सोनू कौशिक ये मगन हो भरे खुशियों से इसकी भी झोली,

कप्तान शर्मा भी दीवाना तेरा रहता जो इस मेहला हरियाणा,

मैया मेरी मैया मेरी,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।