मेरा कन्हैया उस पार है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरा कन्हैया उस पार है, यमुना में डूबी पतवार है,

तेरे चरणों में सर को झुकाएंगे, सुख दुःख में तेरे ही गुण गायेंगे,

तुम्हें आना पड़ेगा इक बार है, हम सब का तू ही प्राण आधार है,

छायी ये कैसी तेरी माया है,तेरे भगतों पे संकट आया है,

करते सभी तुझसे पुकार है, करना ही तुझको बेड़ा पार है,

यमुना से हम तो पार जाएंगे, ऐसे ही भवसागर तर जायेंगे,

होगा हमारा भी उद्धार है, कान्हा ने थामी पतवार है,

पंडित देव शर्मा

श्री दुर्गा संकीर्तन मंडल

रानियां, सिरसा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।