चरम कमल तेरे धोए धोए पीवां मेरे सतगुरु दीन दयाला

पारंपरिक
श्री राम भजन गुरुदेव भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

चरण कमल तेरे धोए धोए पीवां

मेरे सतगुरु दीन दयाला

कुर्बान जाऊं उस वेला सुहावा

जित तुम्हरे द्वारे आया

चरण कमल तेरे धोए धोए पीवां

मेरे सतगुरु दीन दयाला

पार ब्रह्मा परमेश्वर सतगुरु

आपे कर नेहारा

चरण कमल तेरे धोए धोए पीवां

मेरे सतगुरु दीन दयाला

चरण धूल तेरे सेवक मांगे

तेरे दर्शन को बलेहारा

चरण कमल तेरे धोए धोए पीवां

मेरे सतगुरु दीन दयाला

मेरे राम राये

ज्यों राखे,त्यों रहिये

तुद पावे ता नाम जपांवे

सुख तेरा देता लहिए

चरण कमल तेरे धोए धोए पीवां

मेरे सतगुरु दीन दयाला

तहाँ बैकुंठ जहाँ कीर्तन तेरा

तू आपे सारधा लावे

चरण कमल तेरे धोए धोए पीवां

मेरे सतगुरु दीन दयाला

मुकत भुगत जुगत तेरी सेवा

जिसे तू आप करावे

चरण कमल तेरे धोए धोए पीवां

मेरे सतगुरु दीन दयाला

सिमर सिमर सिमर नाम

जिव्हा मेरो तनमन होए निहाला

चरण कमल तेरे धोए धोए पीवां

मेरे सतगुरु दीन दयाला

नानक कहे प्रभ भज किरपाल

सतगुरु पूरा पाया

चरण कमल तेरे धोए धोए पीवां

मेरे सतगुरु दीन दयाला

मेरे सतगुरु ब्यासा वाला ...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।