बैठी मारदी कन्दा ते लकीरा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बैठी मारदी कन्दा ते लकीरा

वे आजा आजा बंसरी वालेया

मैनू तेरिया ने आज ते उडिका

वे आजा

आज ता बनेरे उत्ते कां पेया बोल्दा

सुन सुन ऐनू मेरा दिन पेया डोल्दा

नेडे आ गईया हुन ते तरीका

वे आजा......

अखा पईया रोन्दीया ते दिल पेया रोव्दा

श्याम दी जुदाई मेरा रोम रोम रोव्दा

आके देख ले नीमानी दिया चीखा

वे आजा........

ताने नही सहे जांदे हुन परिवार दे

अपने बेगाने बने आज रिस्तेदार वे

आके तोड दे भरम वाली रीता

वे आजा........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।