मेरे सतगुरु फूल गुलाब दे

पारंपरिक
अन्य भजन गुरुदेव भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

संगता चम्बे दी ढ़ालियाँ मेरे सतगुरु फूल गुलाब दे,

फूल गुलाब दे जी फूल गुलाब दे,

जे मेरे सतगुरु गलियां च आवे,

गलियां च फूल बरसानी आ,

मेरे सतगुरु फूल गुलाब दे,

जे मेरे सतगुरु भागा च आवे,

कलियाँ ने रुन जून लाइ हां,

मेरे सतगुरु फूल गुलाब दे,

जे मेरे सतगुरु लंगरा च आवे,

लंगरा च वरकत पानदे हां,

मेरे सतगुरु फूल गुलाब दे,

जे मेरे सतगुरु मंदिर च आये,

मंदिरा च रोनका लाइयाँ,

मेरे सतगुरु फूल गुलाब दे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।