तुम्हारा छोड़ कर दमन बताओ मैं कहाँ जाऊं

स्वामी भुवनेश्वरी देवी जी महाराज
श्री राम भजन विविध भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

तुम्हारा छोड़ कर दमन बताओ मैं कहाँ जाऊं

दयालु आप सब सा भगवन, बताओ मैं कहाँ पाऊँ

अजामिल सा अधम पापी तारा था नाम लेने से

भगत केवट सरीखा भाव हे भगववान कहाँ से कौन

तुम्हारा छोड़ कर दमन बताओ मैं कहाँ जाऊं

ना भक्ति है ना शक्ति है, ना अच्छी भावनाएं हैं

तेरी किरपा से संभव है, प्रभु जी मैं तर जाऊं

तुम्हारा छोड़ कर दमन बताओ मैं कहाँ जाऊं

अजामिल गीद गणिका की प्रीत थी राम जी तुम में

ना प्रीती है ना रीति है, बजाओ मैं कहाँ जाऊं

तुम्हारा छोड़ कर दमन बताओ मैं कहाँ जाऊं

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।