मोरा ते चढ़ के आया मेरा नाथ मोरा ते

पारंपरिक
महादेव भजन बाबा बालक नाथ भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

मोरा ते चढ़ के आया मेरा नाथ मोरा ते,

भगता नु तारण ,संगता नु तारण, बच्चेया नु तारण आया मेरा नाथ,

जोगी दे हाथ विच शिवा वाला चिमटा,

भगता दी दूर करे बाबा जी चिंता,

छन मन करदा आया मेरा नाथ मोरा ते,

मोरा ते चढ़ के आया मेरा नाथ मोरा ते..........

जोगी दे सिर उते सोहनिया जटावा,

सोहने जहे जोगी दी की सिफत सुनावा,

पौन दे हुलारे आया मेरा नाथ मोरा ते,

मोरा ते चढ़ के आया मेरा नाथ मोरा ते...........

बाबे दे गल विच सोहनी जहि सिंगी,

भोले ने पाई है जोगी नु सिंगी,

सिंगियाँ पाये कर आया मेरा नाथ मोरा ते,

मोरा ते चढ़ के आया मेरा नाथ मोरा ते,

जोगी दे पैरा विच सजन खडावा,

मन मोहने जोगी दे मैं वारे वारे जावा,

सारे तीर्थ हंडोंदा आया मेरा नाथ मोरा ते,

मोरा ते चढ़ के आया मेरा नाथ मोरा ते,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।