लाज राखियों गणपति गोरा लाल

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

लाज राखियों गणपति गोरा लाल आये है तेरे चरणों में,

करना जी हमारे सिद्ध काज बैठे है तेरे चरणों में,

चरणों मैं आके हम दुनिया भुलायेगे, चरणों मैं ही आनंद हम पाएंगे,

बीते शंध्या बीते शंध्या बीते शंध्या उदय हो परभात बाबा जी तेरे चरणों में.

लाज राखियों गणपति गोरा लाल आये है तेरे चरणों मैं,

करना जी हमारे सिद्ध काज बैठे है तेरे चरणों मैं.

दर्शन को नैन चित पलके बिछाई है/२ पूरी होगी तिष्णा ये आस लगाई है,

भाग्ये साली है मुश्क राज बैठा जी तेरे चरणों में,

लाज राखियों गणपति गोरा लाल आये है तेरे चरणों मैं,

करना जी हमारे सिद्ध काज बैठे है तेरे चरणों मैं.

गोरी लाला हे शिव नंदन गोरी लाला हे शिव नंदन/ परथमे करते तेरा ही वंदन

दर्शन गए/३ लिखे विजय है आज बाबा जी तेरे चरणों मे,

लाज राखियों गणपति गोरा लाल आये है तेरे चरणों मैं,

करना जी हमारे सिद्ध काज बैठे है तेरे चरणों मैं

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।