भोले दे दर लगे मेले

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भोले दे दर लगे मेले चल दर्शन पाना,

जगा जगा मंदिरा च मेले लगदे,

सोने सोने मंदिर बथेरे सजदे,

जो पूजे जग भोले सारा चले दर्शन पाना

भोले दे दर लगे मेले चल दर्शन पाना,

पहला ता डेरा असा चम्बे जाए लाना,

लानता ऐसी तेरी भगति च लाना,

भोले सारी रात नचना ते गाना तेरा दर्शन पाना,

भोले दे दर लगे मेले चल दर्शन पाना,

दूजा ता डेरा आसा बरमोरा लाना,

देव चौरासी तेरा दर्शन पाना,

माता ब्रह्माणी शीश झुकना तेरा दर्शन पाना,

भोले दे दर लगे मेले चल दर्शन पाना,

ऊंची ऊंची रिनिया ते लम्बिया बोधारा,

घन शोए भग दिया ठंडियां फुहारा,

लगे सूंदर कैलाश प्यारा तेरा दर्शन पाना,

भोले दे दर लगे मेले चल दर्शन पाना,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।