तू चरणो से अपने ना करना जुदा

स्वामी भुवनेश्वरी देवी जी महाराज
अन्य भजन गुरुदेव भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

तेरे ही भरोसे मैं ओ शाहो के शाह

तू चरणो से अपने ना करना जुदा

तेरे दर का कोई ठिकाना नहीं है

इस से बड़ा कोई खजाना नहीं है

मुझे अपने चरणो में देना पनाह

तू चरणो से अपने ना करना जुदा

भले हैं बुरे हैं, दर पे पड़े हैं

नसीबा लिए तेरे दर पे खड़े हैं

तेरे दर सा दर है जहाँ में कहाँ

तू चरणो से अपने ना करना जुदा

तू है पीर मेरा तू ही सतगुरु है

चरणो में जीवन बीते यही आरजू है

मुझे तेरे दर से है सब कुछ मिला

तू चरणो से अपने ना करना जुदा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।