साई से जिसका भी समाना हो गया

पारंपरिक
अन्य भजन साईं भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

साई से जिसका भी समाना हो गया,

उसका दिल आइना आइना हो गया,

कह रहा इक फ़कीर दर बदर्द सारे गांव,

जो खुदा का हुआ वो मेरा हो गया,

उसका दिल आइना आइना हो गया,

आप की रूह का नूर चेहरे पे है,

जिसने देखा वही आप का हो गया,

उसका दिल आइना आइना हो गया,

आप आये तो शिरडी मनोवल हुई,

सारे मजहब का ये रास्ता हो गया,

उसका दिल आइना आइना हो गया,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।