गुरु नाम वाला गहना पा ले

पारंपरिक
अन्य भजन गुरुदेव भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

गुरु नाम वाला गहना पा ले,

मोह माया न छोड़ बंदिया,

जेहड़ा पावे कर्मा वाला/नसीबा वाला,

ओहदे वेहड़े पार हों गे,

गुरु नाम वाला गहना पा ले,

किथे भूल न जावी ओये मना मेरया मोह माया दे जाल देख के,

जिया सूरज ते चन और तारे गुरा दी शान वखरी,

गुरु नाम वाला गहना पा ले,

किवे भूल न जावी ओ मना मेरया घर वाला जाल देख के,

सेवा गुरा दी इंज असा करिये गुरु हुन्दे रूप रब दा,

गुरु नाम वाला गहना पा ले,

किथे भूल न जावी मना मेरिया पुत्रा दा मोह देख के,

जिया मावा जो पुत्र प्यारे भगत प्यारे गुरा जो,

गुरु नाम वाला गहना पा ले,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।