बोलो जय मैया दी बोलो जय वैष्णो दी

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

त्रिगुट पर्वत मंदिर माँ दा पिंडी रूप बनाया,

बारा महीने भगता ने माँ दर ते मेला लाया,

बोलो जय मैया दी बोलो जय वैष्णो दी,

हाथी मथे दी कठिन चढ़ाइयाँ चढ़ दे पैर नि थकदे,

दर मैया दे आने वाले भगत कड़े नहीं रुकदे,

बोलो जय मैया दी बोलो जय वैष्णो दी,

ठंडी ठंडी हवा जे चलदी मोर भी पेला पौंदे,

लंगर वीर भेरो बाबा दर ते हज़ारी लौंदे

बोलो जय मैया दी बोलो जय वैष्णो दी,

धन्य हो भगत माँ गुलशन तेरा जिहने लंगर तेरा चलाया,

दुरा दुरा ते आई के भक्ता के लंगर दा भोजन खाया,

बोलो जय मैया दी बोलो जय वैष्णो दी,

जेहड़ी भी सुखना करदे दर ते सारिया पुरिया हुंडिया,

तेरी शक्ति न जाने माँ तेरी सारी दुनिया,

बोलो जय मैया दी बोलो जय वैष्णो दी,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।