मेरा काम मोहन तेरे गीत गाना

स्वामी भुवनेश्वरी देवी जी महाराज
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तेरी ही कहानी, तेरी ही फ़साना,

मेरा काम मोहन तेरे गीत गाना

रंगीं बहरों से जी भर गया है

जग के नज़ारों से जी भर गया है

नहीं अब सुहाता हमें यह ज़माना

मेरा काम मोहन तेरे गात गाना

जब से लगी हैं तेरे साथ अखियाँ

दिन रात कहतीं हैं अब यह अखियाँ

चलो फिर से देखें वो मुखड़ा सुहाना

मेरा काम मोहन तेरे गात गाना

न पूजा न बंधन न भक्ति की शक्ति

तुझे क्या चढाउँ, है क्या मेरी हस्ती

सुदामा समझ कर गले से लगाना

मेरा काम मोहन तेरे गात गाना

ओ राधा के श्यामा ओ मीरा के मोहन

मेरे दिल की जानो प्रभु मेरे भगवन

निभाउंगा मैं भी तो तुम भी निभाना

मेरा काम मोहन तेरे गात गाना

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।