जय जय बद्री धाम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जय बद्री जय तेरा धाम,

गाउ भजन मैं सुबहो शाम,

आज मिला है तेरी किरपा से मुझको सब का प्यार,

जय जय बद्री धाम,

बर्दी नाथ तेरी महिमा जग में अप्रम पार,

आज मिला है तेरी किरपा से हम को तेरा प्यार,

जय जय बद्री धाम,

चारो धाम में तेरे धाम का नाम है ऊंचा ईश्वर,

तुम हो जगत के पालनहारी जाने धरती अम्बर,

तेरी धरा पे भक्तो को मिलती है अभीराम,

जय जय बद्री धाम...

तूने सदा निज भक्तो को अपनाया हर मुश्किल में,

आज मुझे अपनों से मिला कर भर दी खुशियां दिल में,

प्राण रहे गे तन में जब तक लूंगा तेरा नाम,

जय जय बद्री धाम,

मेरी माँ दो नैना मेरे मुझको प्राणो से प्यारी,

माँ की सेवा में बदरीश्वर कटे उम्र अब सारी,

दो अब मुझे आशीष दो करू मैं तेरा सदा गुणगान,

जय जय बद्री धाम,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।