तुम्हरा क्या कहना है श्याम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जुबा जुबा पे चर्चा इनका है इतनी मकबूल,

होती है श्री श्याम के दर पे सब की दुआ कबूल.

तुम्हरा क्या कहना है श्याम तुम्हे न भूलू सुबहो शाम,

इनकी बात निराली इनका जग में ऊंचा नाम,

जो हर सेह को सोना करदे वो पारस है श्याम,

इनका नाम लिए दुःख बागे इन्हे वो है शक्ति,

भंडारे भर जाए जो भी करे श्याम की भक्ति,

काँटा भी इनके परशाद से हो जाता है फूल,

होती है श्री श्याम के दर पे सब की दया कबूल,

तुम्हारा क्या कहना है श्याम....

जिसपे मेहर करे उसकी तकदीर स्वर जाये,

जो भी खाली जाये उसकी झोली भर जाये,

बाबा की चौखठ पे ऐसा नूर बरसता है,

मेरा शीश का दानी सबके दिल में बसता है,

कर देते ये माफ़ जो हमसे हो जाती है भूल.,

होती है श्री श्याम के दर पे सब की दया कबूल,

तुम्हारा क्या कहना है श्याम....

मैंने जैसा सुना था उसे जयदा ही पाया है,

सच मुच् श्याम तुम्हारे चरणों में आरमा आया है,

मैं तेरी हो चुकी सनवारे रोज आउंगी,

जीवन भर मैं सिमरन तेरी महिमा गाऊगी,

मुझे बना लो बाबा अपनी चरणों की तुम धूल

होती है श्री श्याम के दर पे सब की दया कबूल,

तुम्हारा क्या कहना है श्याम....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।