साँवरा दौड़ा आएगा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जब जब दिल से श्याम को तू आवाज लगायेगा,

साँवरा दौड़ा आएगा,

कोई आये या ना आये ये रुक ना पायेगा,

साँवरा दौड़ा आएगा

तू न सोच के दूर है वो,

तुझपे नजर वो रखता है,

तेरी तड़प का ध्यान उसे बस वो धीर परख ता है,

ये श्याम तेरा अपना ही तो है,

जीवन की हर ऊजलां को ये खुद सुलझाएगा,

साँवरा दौड़ा आएगा..

बन कर साथी साथ चले जीवन की हर राहो में,

गिरने से पहले आकर थामे गा बाहो में,

इक वार भुला कर देख इसे,

ये कदम कदम पे तुझको विपदा से बचाएगा,

साँवरा दौड़ा आएगा

जग ये करे अपमान तो क्या हस कर वो भी सेह लेना,

आएंगे जब श्याम प्रभु उनसे तू सब कह देना,

दुनिया से तू कुछ उम्मीद ना कर,

जग से तू आस लगा कर जब ठोकर खाये गा,

साँवरा दौड़ा आएगा

माधव इतना मांग ले तू कायम लाज का ताज रहे,

जग रूठे परवाह नहीं तू मेरा हमराज रहे,

ये श्याम मेरा अपना ही तो है,

खुद तुझसे दूर कन्हैया कैसे रह पायेगा,

साँवरा दौड़ा आएगा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।