प्यारा माई दा नाम जप लै

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

प्यारा माई दा नाम जप लै,

मीठा माई दा नाम जप लै,

नहीं लगना कोई मूल तेरा वे,

प्यारा माई दा नाम जप लै,

मन मंदिर वच ज्योत जगा के नाम दी महिमा गा ले,

अम्बे मात भवानी दा तू दिल विच ध्यान लगा ले,

एह जीवन जो जीवन तेरा इस न सफल बना ले,

नाम दा चपु लगा के अपनी वेडी पार लगा ले,

प्यारा माई दा नाम जप लै......

भला बुरा जो कुछ हां तेरा कह के चरनी पे जा,

छड़ के डोरी ओहदे उते माँ दा होके रह जा,

निवे तो भी निवा होके माँ दे दर ते बह जा,

एह कुज करले झोली भरले नाम खजाना ले जा,

प्यारा माई दा नाम जप लै,........

बारा साल प्रीत साई ने भगति विच गुजारे,

बुल्ले शाह ने पीर मनाया हो गये वारे न्यारे,

भगत ध्यानु शीश चढ़ाया जाके माँ दे दवारे,

बंसी माँ दा नाम है सुचा सब के काज सवारे,

प्यारा माई दा नाम जप लै...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।