श्याम नाम की भक्ति

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्याम नाम की भक्ति ऐसी भव सागर से तार दे,

कर पावन मन जीवन अपना श्री चरणों में वार दे,

राधे राधे श्याम राधे राधे श्याम राधे राधे श्याम राधे श्याम राधे राधे श्याम

कुबड़ी नारी संकट भारी श्याम चरण में आन गई,

शन भर में वो कृष्ण किरपा से सूंदर तन को पा गई,

कोई न जाने कब वो दाता किस के भाग्ये सवार दे,

कर पावन मन जीवन अपना श्री चरणों में वार दे,

अर्जुन भटका जीवन पथ में धनुष हाथ से छोड़ दियां,

देके गीता ज्ञान पार्थ को धर्म से नाता जोड़ दियां,

जैसे तेरे कर्म हो बंदे ऐसे वो उपहार दे,

कर पावन मन जीवन अपना श्री चरणों में वार दे,

जनम मरण के डर को भूले जो खोली रघु प्यार में,

विष क्या प्याला पी के मीरा अमर हुई संसार में,

निज भक्तन का साथ वो मोहन संकट में हर बार दे,

कर पावन मन जीवन अपना श्री चरणों में बार दे,

देना वर ये चलती रहे बस युही कलम सुभाष की,

सुर और ताल का साथ न छूटे वाणी मधुर अविनाश की,

भजन तुम्हरे गाते रहे हम इतना तो अधिकार दे,

कर पावन मन जीवन अपना श्री चरणों में वार दे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।