साई तेरा गांव रे

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॥ पावन पाठ ॥

साई तेरा गांव रे सबको भुलाये रे,

चलो शिरडी धाम साई थामे गये हाथ,

लेके हाथो में हाथ रे,

साई तेरा गांव रे सबको भुलाये रे,

चंदा में जोति है सीपी में मोती,

साई तेरी यादे मन में पिरोती,

मेरे साई सब का मालिक एक रे,

मेरे साई करते बड़े उपकार रे,

चलो शिरडी धाम साई थामे गये हाथ,

लेके हाथो में हाथ रे,

साई के जैसा दूजा न कोई,

जाको राखे साई क्या करे गा कोई,

मेरे साई सब का मालिक एक रे,

मेरे मालिक साई करते सब का उदार रे,

चलो शिरडी धाम साई थामे गये हाथ,

लेके हाथो में हाथ रे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।