छम छम नाचे घोडा सांवरे सजन का

नंदू जी महाराज
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

छम छम नाचे घोडा सांवरे सजन का

लगता है मुझे ये दीवाना है भजन का

भजनो के राज को लीला पहचाने

स्वामी से मिलन का भेद सारा जाने

भजनों के बिन क्या मोल जीवन का

छम छम...

जुड़ता है मन जब प्रभु के भजन से

जुड़ता है तार सीधा प्रभु के चरण से

खींचा चला आये श्याम पक्का है वचन का

छम छम...

भजनों की गंगा बहे डुबकी लगा ले

डुबकी लगाके प्यार सांवरिया का पा ले

यही है तरीका तेरे प्रभु से मिलन का

छम छम...

जप तप ज्ञानी योगी वेद सारे बोले

करले भजन विरथा मत डोले

यही है ठिकाना ‘नंदू’ मनमोहन का

छम छम...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।