मैं झोली पसारे खड़ा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मैं झोली पसारे खड़ा जरा देखो इधर बाबा,

मेरे नैनो में आंसू है,जरा देखो इधर बाबा,

तेरे होते क्यों दुःख पाऊ,

क्यों दर दर की ठोकर खाऊ,

मैं तो अब हु हारा,

जरा देखो इधर बाबा,

जीवन मेरा रुक सा गया है,

क्यों तू मुझसे रूठ गया है,

कुछ देदो मुझे इशारा,

जरा देखो इधर बाबा,

नजरे तुमसे हटती नही है,

नजरो से नजरे मिलती नही,

क्या तार से तार टुटा जरा देखो इधर बाबा,

जरा देखो इधर बाबा,

ज्यदा तुम से मांगू,

पहली जैसी किरपा चाहू,

इक तुलसी पता हिला,

जरा देखो इधर बाबा,

तुलसी पता जो मिल जाएगा,

जीवन फिर से खिल जाएगा,

संजीवन बुट्टी मिला,

जरा देखो इधर बाबा,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।