सोने से जड़ी लंका को

गिरधर महाराज
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

बजरंगबली ने झूम के जलवा दिखा दिया ।

सोने से जड़ी लंका को एक पल में जला दिया ॥

दुनिया को जो जलाए मुख में उसे दबाए,

कितनी है तुझ में शक्ति कोई समझ ना पाए ।

लड्डू समझ के सूरज को मुख में दबा लिया...सोने से ॥

सीता की खबर लेने तुम उड़ गए थे लंका,

लंका में तुमने जाकर सबका बजाया डंका ।

अभिमानी शीश रावण का तुमने झुका दिया...सोने से ॥

मंगल के दिन तुझको तेरे भक्त सब मनाएं,

घी और सिंदूर लाके तेरे अंग पर लगाए ।

किरपा करी जो "गिरधर" को चरणों से लगा लिया...सोने से ।।

रचना- गिरधर महाराज

गायक- गिरधर महाराज

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।