॥ पावन पाठ ॥
शंकर दा घोटा - ला घोटा, कुंडे विच सोटा - ला घोटा,
शिव दे मस्त मलंग जो भग्तो, ऱज के पींदे भंग जो भग्तो,
वड्डा की छोटा - ला घोटा,
शंकर दा घोटा - ला घोटा, कुंडे विच सोटा - ला घोटा,
शिव दे मस्त मलंग जो भग्तो, ऱज के पींदे भंग जो भग्तो,
वड्डा की छोटा - ला घोटा,