इतना बता दे हमको सांवरा क्यों परिवार ये टूटता है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

इतना बता दे हमको सांवरा क्यों परिवार ये टूटता है,

पैसो की खातिर इक भाई भाई से ही रूठता है,

इतना बता दे हमको सांवरा क्यों परिवार ये टूटता है

बचपन में क्या प्यार था इनमे,

इक दूजे पे मरते थे,

माँ मेरी है बाप है मेरा बस इस बात पे लड़ते थे,

अब पैसो के आगे इनको और कोई न भाता है,

इतना बता दे हमको सांवरा क्यों परिवार ये टूटता है

भाई बहन के प्यार की जग में लोग मिसाले देते थे,

द्रोपती और कान्हा के जैसा रिश्ता है ये कहते ये,

अब राखी के दिन ही हम को याद ये रिश्ता आता है,

इतना बता दे हमको सांवरा क्यों परिवार ये टूटता है

रिश्तो से बढ़ कर है क्या पैसा कोई बतलाये,

इन पेसो से एक तू सच्चा प्यार खरीद के दिखलाये,

फिर पैसो के बल पे इतना क्यों कोई इतराता है,

इतना बता दे हमको सांवरा क्यों परिवार ये टूटता है

अर्जी है संजय की तुजसे कुछ तो ऐसा कर जाओ,

जुड़ जाये परिवार ये फिर से ऐसा प्यार जगा जाओ,

देख के ऐसा हाल प्रभु मेरा दिल ये हर पल रोता है,

इतना बता दे हमको सांवरा क्यों परिवार ये टूटता है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।