झूठी गर्दन हिलाते हो कीर्तन में क्यूं

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

झूठी गर्दन हिलाते हो कीर्तन में क्यूं ,

भक्ति करने को सच्चा जिगर चाहिए ,

खींचा दौड़ा - चला आएगा सांवरा,

तेरी आंहो में इतना असर चाहिए ,

कामयाबी की सीढ़ी अगर तुम चढ़े,

होंगे दुश्मन कई रास्ते में खड़े ,

हार जाएंगे वो जिनकी टेढ़ी नजर,

उस मेहरबां की सीधी नजर चाहिए,

दिल से जो श्याम का श्याम उसका बना,

भक्ति निष्काम हो काम उसका बना ,

कौन कहता है सांवरिया आता नहीं ,

तुझको भिलनी के जैसा सब्र चाहिए ,

पाप करके तू खुद को भला मानता ,

कितने पानी में है तू वो सब जानता ,

जो पलटती है पल - पल में दुनिया है वो,

इससे लड़ने का तुझको हुनर चाहिए ,

है समय कर ले पापों का तू खात्मा ,

काल बंधन से अपनी छुड़ा आत्मा ,

" नरसी " तन का ना धन का भरोसा कोई,

करनी आगे की तुझको फिक्र चाहिए ,

सभी श्याम प्रेमियों को .. लेखक एवं गायक ..

नरेश " नरसी " ( फतेहाबाद ) की ओर से ..

!! जय श्री श्याम जी !!

भजन प्रेषक : प्रदीप सिंघल ( जीन्द वाले )

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।