शेरोवाली मैया मेरी सुन ले पुकार

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

शेरोवाली मैया मेरी सुन ले पुकार,

मेरी आखियो को है माँ तेरा इंतज़ार,

मैं तो खड़ा हु माँ फैलाये बाहे,

मेरे लिए खोल दे तू अपनी पनाहे,

देखु न तुझे तो मुझे आये न करार,

मेरी आखियो को है माँ तेरा इंतज़ार,

गर्दिशो में खोया है माँ मेरा सितारा,

मंजिल का भोज नहीं दूर है किनारा,

नैया है भवर में मेरी टूटी पतवार,

मेरी आखियो को है माँ तेरा इंतज़ार,

आशाओ की ज्योत माँ भुजने ना पाए,

डरता हु मौत मुझे साथ ले न जाये,

रोये बलजीत आजा शेर पे सवार,

मेरी आखियो को है माँ तेरा इंतज़ार,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।