नाम रटन ना छोड

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॥ पावन पाठ ॥

नाम रटन ना छोड रे मनवां

नाम रटन ना छोड रे......

नाम जपन ना छोड रे मनवां

नाम जपन ना छोड रे......

नाम रटन ना छोड रे मनवां....

नाम रटन से मुक्ति मिलेगी,

नाम जपन से मुक्ति मिलेगी,

मानुस तन अनमोल रे......

नाम रटन ना छोड रे..........

यह तन एक दिन खाक मिलेगा,

माटी में मिलेगी यह काया,

काम ना आऐगी कुछ तेरे,

इस दुनियां की मोह माया,

व्यर्थ भरम में जीता रहा तूं,

आखिर कुछ ना काम आया,

नाम की दौलत है बस तेरी,

बिगडे बनाए काम रे......

नाम रटन ना छोड रे मनवां...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।