मेरा संवारा नंबर १

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

चारो दिशा में ये शोर है,

मेरा संवारा नंबर १,

तेरी झुल्फ है रेसम,तेरी नैन कटारी,

मुझको तेरी यारी लगती बड़ी प्यारी,

चारो दिशा में ये शोर है,

मेरा संवारा नंबर १,

तेरे कान के कुंडल तेरी मधुर सी मुस्कान,

तेरे होठ की लाली लगती बड़ी प्यारी,

चाँद और सितारे भी ये बोलते,

मेरा बाबा नंबर १,

तेरे इश्क़ में पागल मैं हुआ दीवाना,

धड़कन में अपनी तुझको है वसाना,

मुझको सताना तू छोड़ दे,

मेरा संवारा नो १

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।