ओ मेरे श्याम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ओ मेरे श्याम, ओ मेरे श्याम,

ओ मेरे श्याम, ओ मेरे श्याम ll

तुम्हारे बिन, तुम्हारी यह राधा,

न जी सकेगी यहाँ ll

ओ मेरे श्याम,,,,,,,,,,,,,,,,

दिन को चैन नहीं, रात हुई भरी,

नींद नहीं आए, मैं खुद से हारी,

कब आओगे तुम, ओ मुरलीधारी,

दुःख मेरे हर लो, मैं प्रभु बलिहारी xll

ओ मेरे श्याम,,,,,,,,,,,,,,,,

कैसे बताऊँ मैं, क्या गुजरी हम पे,

पल पल जीती हूँ, यादों के बल पे,

अगर न आओगे, तो पछताओगे,

अपनी राधा को, फिर नहीं पाओगे xll

ओ मेरे श्याम,,,,,,,,,,,,,,,,

अपलोड करता- अनिल रामूर्ति भोपाल

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।