जो कर न स्का कोई काम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ओढ़ा के देख जरा किस्मत बन जाएगी,

जो कर न स्का कोई काम चुनरियाँ कर जाएगी ,

नाम तू जपले काम बनेगा लेकिन धीरे धीरे,

ना जाने चुनड़ी ने बदली कितनो की तकदीर,

करिश्मा कर जाएगी झोली भर जाएगी,

जो कर न स्का कोई काम चुनरियाँ कर जाएगी ,

इक पल चुनड़ी तेरी इक पल ले तकदीर,

खुल जाये चुनड़ी का पल्ला और बदले तकदीर,

तेरा घर खुशियों से चुनड़ियाँ भर जाएगी,

जो कर न स्का कोई काम चुनरियाँ कर जाएगी ,

देखे हम ने कैसे कैसे रहते थे कंगाल,

एक चुनरी मैया को ओढ़ाई हो गये माला माल.

तेरे लाखो को ये करोडो कर जायेगी,

जो कर न स्का कोई काम चुनरियाँ कर जाएगी ,

इतने से भी काम बने तो कहे पवन कर जाना,

पहला मौका हाथ लगे तो चुनड़ी जाए चढ़ाना,

तू क्या तेरी सठो पुश्ते ही तर जाएगी,

जो कर न स्का कोई काम चुनरियाँ कर जाएगी ,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।