तेरा मिलन सुदामा यार आया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

देहली सामने खलो के सवाल पाया,

द्वारपालो श्याम नूँ कहो,

तेरा मिलन सुदामा यार आया,

द्वारपालो श्याम नूँ कहो,

लई नी ख़बर ओहने कदे मेरे घर दी,

यार नूँ भुलाता तुहाढा राजा है बेदर्दी,

ओहने कदे चिट्ठी चीरा वी नी पाया,

द्वारपालो श्याम नूँ कहो,

तेरा मिलन सुदामा यार आया,

द्वारपालो श्याम नूँ कहो,

करके पढ़ाइयां असीं शादियां करवाईया ने,

मैं इक करवाई एहने अठ करवाईया ने,

अठे रानियां ने बन्न के बिठाया,

द्वारपालो श्याम नूँ कहो,

तेरा मिलन सुदामा यार आया,

द्वारपालो श्याम नूँ कहो,

द्वारपाल हसदे ने बन्दा है मलंग जा,

झिपदा नी भोरा देखो मेहमान नंग जा,

जा के महलां च सुनेहां लाया,

द्वारपालो श्याम नूँ कहो,

तेरा मिलन सुदामा यार आया,

द्वारपालो श्याम नूँ कहो,

लूटन सुदामा आ गया नूर दे नजारे नूँ,

मिलेआ संदेश देव सँवारे प्यारे नूँ,

दौडेया नंगे पैरी एन्ना चा चढ़ाया,

द्वारपालो श्याम नूँ कहो,

तेरा मिलन सुदामा यार आया,

द्वारपालो श्याम नूँ कहो,

पंडित देव शर्मा बृजवासी

श्री दुर्गा संकीर्तन मंडल

रानियां(सिरसा)

७५८९२१८७९७

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।