चलो चले शिरडी

पारंपरिक
श्री राम भजन साईं भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

शिरडी में कशी मथुरा शिरडी में हरिद्वार,

साई की पावन नगरी में सब धामों का धाम,

चलो चले शिरडी चलो चले शिरडी

तीन लोक में है निराला पावन शिरडी साई धाम,

देव भी गाते साई की लीला श्रद्धा से करते परनाम,

सब की झोली भरता है साई का दरबार,

चलो चले शिरडी चलो चले शिरडी

गा कर साई नाम की महिमा मन को मिलता है आराम,

आके साई राम के द्वारे बन जाते है सारे काम,

शिरडी में हो जाता है भक्तो का उधार,

चलो चले शिरडी चलो चले शिरडी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।