मत खोलो हरि जी मेरा खाता

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मत खोलो हरि जी मेरा खाता,

मेरा जनम जनम का नाता,

मैंने कौन जनम नही पाप किये,

तूने कौन जनम नही माफ़ किये,

मैं दीं प्रभु जी तुम दाता,

मेरा जन्म जन्म का नाता......

माँ कुमात कभी नही होती,

पूत कपूत भला हो जाये,

पिता अपना फ़र्ज़ निभाता,

मेरा जन्म जन्म का नाता,

मेरा खाता काला प्यारे,

ऋषियों से भर डाला प्यारे,

मैं तो निष् दिन राहा पाप कमाता,

मेरा जन्म जन्म का नाता,

मैं तो आया चरनी तुम्हारी,

विनती सुनो भगवन हमारी,

मेरे पापो को माफ़ करो दाता,

मेरा जन्म जन्म का नाता,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।