आई बाबा की पालकी

पारंपरिक
श्री राम भजन साईं भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

आओ भगतो करे सब दर्शन,

आई बाबा की पालकी,

झूमे खुशियों से हर दिल हर मन,

आई बाबा की पालकी,

पालकी रे पालकी आई बाबा की पालकी,

सोने चांदी से शृंगार हुआ है,

खुश ये दिल बाराम बार हुआ है,

जो भी करदो उतना ही कम,

आई बाबा की पालकी ....

लंभी कतार लगी भगतो की,

दिल से पुकार यही भगतो की,

सब खुशियां मनाये भगत जन,

आई बाबा की पालकी......

भगतो को मंगल कर डाला कहता रिंकू टंडा वाला,

भाये कानो को होता कीर्तन,

आई बाबा की पालकी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।