इक माँ मिलती बड़ी मुश्किल से

सौरभ मधुकर
माता दुर्गा भजन रानी सती दादी भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

इक माँ मिलती बड़ी मुश्किल से

हमे दो दो माँ का प्यार मिला

दुनिया में सुहासड़ा के जैसा नहीं और कोई दरबार मिला

इक माँ मिलती बड़ी मुश्किल से

हमे दो दो माँ का प्यार मिला

मेरी माँ नानू सती माता

मेरी माँ सुहासड़ा वाली है

ढोलक में लाल छुपाकर माँ

डोमिनी ने की रखवाली है

माँ तेरी शरण में आकर के

मेरे जीवन को आधार मिला

इक माँ मिलती बड़ी मुश्किल से

हमे दो दो माँ का प्यार मिला

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इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।