तू सब की किस्मत सवारे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तू सब की किस्मत सवारे,

हम क्यों मुसीबत के मारे,

हद से ज्यादा गरीबी वेहाल कर रही है,

तुम हो मेरे हम तुम्हारे हारे के तुम हो सहारे,

आंसू की हर बून्द तुमसे ये सवाल कर रही है,

ओ सँवारे मुझको बता मेरी खता बोलो है क्या,

मेरे हक़ में कुछ नहीं और को तमाम है,

आप के गुलामो में मेरा भी तो नाम है,

फिर भी कोई नाम न कोई पहचान नहीं,

टूटे हुए इस दिल का कोई कदर दान नहीं,

दिल तो है तेरा दीवाना ये जानता है ज़माना,

बस इक सिवा तेरे दर पे कोई और न ठिकाना,

ओ सँवारे मुझको बता मेरी खता बोलो है क्या,

बालक है हम भी तेरे दर पे मचलते है,

करोड़ो सवाली तेरे टुकड़ो पर पल ते है,

मैं भी तेरा दास हु फिर क्यों उदास हु,

भला या बुरा हु बाबा आप ही के पास हु,

अब चाहे मुझको हसा दो जी चाहे मुझको रुला दो,

सूखे मन सु मन को इक पल में खिला दो,

ओ सँवारे मुझको बता मेरी खता बोलो है क्या,

इक प्रथाना है प्रभु वेला चाहे मत देना,

अपनी शरण में गरीबो को रख लेना,

सारी उमरिया तेरे चरणों में काटू मैं,

जन्म में भी हो खाटू में मौत भी हो खाटू में,

मुरली के स्वर की तरंग में कोमल मेरे अंग अंग में,

संगीत सागर से निकले रंग जाये श्याम रंग में,

ओ सँवारे मुझको बता मेरी खता बोलो है क्या,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।