मेरे मन में है विश्वाश श्याम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरे मन में है विश्वाश श्याम का प्यार मिले गा,

आज नहीं तो कल मुझे मेरा शयम मिले गा,

मेरे मन में है विश्वाश श्याम का प्यार मिले गा,

तुझसे मिलने को बाबा हर ग्यारस खाटू आये,

मेरे इस हाल पे बाबा क्यों रेहम तुझे न आये,

तेरा ये दास बाबा इस दुनिया से है हारा,

इस लिए छोड़ दुनिया को तेरे चरणों में है आया,

मुझे पक्का है विश्वाश श्याम दिलदार मिलेगा,

आज नहीं तो कल मुझे मेरा शयम मिले गा,

मेरे मन में है विश्वाश श्याम का प्यार मिले गा,

हमने सुना है बाबा दुःख दूर यही होते है,

तेरे दरबार यो आये खुशियों में वो पलते है,

तूने उसके जीवन को मोती के जैसा निखारा,

जिसने भी बाबा सच्चे दिल से है तुझे पुकारा,

मैंने भी पुकारा श्याम मुझे इक बार मिलेगा,

आज नहीं तो कल मुझे मेरा शयम मिले गा,

मेरे मन में है विश्वाश श्याम का प्यार मिले गा,

सुख हो या दुःख हो बाबा हम भजन तेरे गायेगे,

बाकी के जो ये दिन है हम संग में तेरे जियेगे,

इस स्थान को बाबा तूने इस लायक आज बनाया,

हसने वाले की सिर को इस स्थान ने निचा पाया,

जिसने भी रिजया श्याम उसे इक बार मिलेगा,

आज नहीं तो कल मुझे मेरा शयम मिले गा,

मेरे मन में है विश्वाश श्याम का प्यार मिले गा,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।