उलझी लट् सुलझाओ रे मोहन

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

उलझी लट् सुलझाओ रे मोहन

मेरे हाथों में मेहंदी लगी...

नींद में गिर गई कानो की बाली

ज़रा ढूंढ उसे पहनाओ रे मोहन...

मेरे हाथों में मेहंदी लगी..

उलझी लट् सुलझाओ रे मोहन...

राह में गिर गया बाजूबन्द सोहना

ढूंढ कर उसे पहनाओ रे मोहन मेरे हाथों में मेहंदी लगी...

उलझी लट सुलझाओ रे मोहन...

नींद में गिर गई पाँव की पैंजनी

ढूंढ उसे पहनाओ रे मोहन मेरे हाथो में मेहंदी रची

प्रेषक:-

प्रफ़ुल्ल भाउ

8269753380

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।