कराती तू सी बल्ले बल्ले

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

साढ़े जेहरे कर्मा च लिखे लेख ने तेरे वाजो दातिया ओ किहने देखने,

बिना तेरे जदो रेह्न्दे सी इकले कहन्दे सी लोकि झले झले,

यारी जदो दी ला ली आसा तेरी कराती तू सी बल्ले बल्ले,

माला कदे जप्या न पाप कदे खट्या न जदो दिया लग गियां यारियां

मंदा कदे बोलियां न ज़हर कदे घोलियाँ न साढ़े नाल होइयाँ भावे माड़िया,

आसि तेरी नजरा च रहना ऊंचे भावे जग करे जिह्ना भी थले,

यारी जदो दी ला ली आसा तेरी कराती तू सी बल्ले बल्ले,

राम नाम रटी जावा नाम तेरा जपि जावा होर न मैं मंगा कोई मंग न,

दुनिया से आगे कदी हाथ न मैं अड़ा तेथो मंगन तो कोई संग न,

साहनु अपने रंगा विच रंग ले चाहे रहिये झले दे झले,

यारी जदो दी ला ली आसा तेरी कराती तू सी बल्ले बल्ले,

साड़ी इस ज़िंदगी च भावे थोड़ी बंदगी च ाइयाँ सी मुशीबता ने भरिया,

तुसी जदो नाल मेरे पता ही न लगा दूर होइया ौंकड़ा ने सरियाँ,

तुहाडे बाजो आसि कुछ भी नहीं रखना रखना तहनु ही पल्ले,

यारी जदो दी ला ली आसा तेरी कराती तू सी बल्ले बल्ले,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।