भावना की ज्योत को जगा के देख ले

सौरभ मधुकर
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

भावना की ज्योत को जगा के देख ले

बोलती है मूर्ती,बुला के देख ले

सौ बार चाहे आजमा के देख ले

बोलती है मूर्ती,बुला के देख ले

आओ माँ...आओ माँ...

आओ माँ...आओ माँ...

करोगे जो सवाल तो जवाब मिलेगा

यहां पुण्य-पाप सबका हिसाब मिलेगा

भले-बुरे सबको पहचानती है माँ

खरी-खोटी सबकी ही जानती है माँ

श्रद्धा से सर को झुका के देख ले

बोलती है मूर्ती,बुला के देख ले

आओ माँ...आओ माँ...

आओ माँ...आओ माँ...

भावना की ज्योत को जगा के देख ले

बोलती है मूर्ती,बुला के देख ले

सौ बार चाहे आजमा के देख ले

बोलती है मूर्ती,बुला के देख ले

संपर्क - +919830608619

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।