साई दिया क्या बाता

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन साईं भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

साई दिया क्या बाता ओ बन्दिया मौला दियां क्या बाता,

साई के चरणों में मिलती है खुशियों की सौगात,

साई दिया क्या बाता .........

जब नजर कर्म की करता वो बिगड़ी तकदीरे बदलता वो,

साई के रंग में रंग जा तू मौला के रंग में रंग जा तू,

फिर देख होती रमा का,

साई दिया क्या बाता .........

परचंड वही वो राज भी है,

वो कल भी था वो आज भी है,

वो चाहे कुछ भी कर सकदा,

सब मौला दियां करा माता,

साई दिया क्या बाता .........

मैं अपने दिल से मारे जो,

मौला को दिल से पुकारे जो,

फिर पल में उनकी होती है ,

मौला से मुलाकाता

साई दिया क्या बाता .........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।